लड़ी थी एक लड़ाई उत्तराखंड के लालों ने
जीत कर भी वो हार गए, ऐसा ना मेरे यार समझो
अभी तो आंखे नम हैं, इन वीर जन्मी माताओं की
फिर करेंगे वार.. इसे ना तुम हमारी हार समझो
ना नौकरी, न ही मिली राजधानी,
अगर खाली कसम तो ना नसीब होने देंगे पानी.
और अभी के लिए ..
ये तो कुछ भी नहीं नेता जी
इसे बस तुम हमारी हुंकार समझो....
इसे बस तुम हमारी हुंकार समझो....
और आ जाये अगर पसंद कुछ भाव मेरे..
तो मै लिखूंगा बहुत कुछ और अभी
इसको तो बस अभी शुरुआत समझो...
....हर्षित उत्तराखंडी
जीत कर भी वो हार गए, ऐसा ना मेरे यार समझो
अभी तो आंखे नम हैं, इन वीर जन्मी माताओं की
फिर करेंगे वार.. इसे ना तुम हमारी हार समझो
ना नौकरी, न ही मिली राजधानी,
अगर खाली कसम तो ना नसीब होने देंगे पानी.
और अभी के लिए ..
ये तो कुछ भी नहीं नेता जी
इसे बस तुम हमारी हुंकार समझो....
इसे बस तुम हमारी हुंकार समझो....
और आ जाये अगर पसंद कुछ भाव मेरे..
तो मै लिखूंगा बहुत कुछ और अभी
इसको तो बस अभी शुरुआत समझो...
....हर्षित उत्तराखंडी
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